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Wednesday, August 19, 2020

आप कुछ नियम




परम पूज्य सुधांशुजी महारा


आप कुछ नियम बनाएँ। उन नियमों में एक नियम यह भी कि किसी को फ़ूल न दे सकें  मुस्कान तो हम जरूर देगें। किसी से बात करें तो बात की शुरुआत में मुस्कान पहले होनी चाहिए। हर बच्चे की सजावट उसकी मुस्कराहट है और इस दुनियाँ में हर फ़ूल की सजावट उसकी मुस्कराहट है। आपकी भी सजावट आपकी मुस्कराहट है तो अपनी मुस्कराहट को सजाइए। मुस्कराहट को लेकर घर से निकलिए, मुस्कराहट को लेकर घर में प्रवेश कीजिए। और देवताओं की आराधना करें तो मुस्करा कर करें और अपने गुरू को प्रणाम करें तो मुस्कान के साथ करें। अपने कर्मक्षेत्र में प्रवेश करें तो मुस्कराहट के साथ करें और जब अपने अन्न को देखें तो अन्न को भी मुस्कराकर देखिए। अपने घर भी जैसे पहली द्दर्ष्टि प्रवेश करते हुए डालते है तो मुस्कराहट की द्दर्ष्टि डालिए तो आप समझेंगे कि मनहूसियत निकलेगी और देवताओं की कृपा आपके घर में प्रवेश करेगी। 

Thursday, March 12, 2020

आप क्या बोलते हैं, बच्चा वो नहीं सीखता। आप क्या करते हैं और क्या घर का माहौल है, बच्चा वह सीखता है।


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Sunday, March 1, 2020

वाणी की

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

 मदन गोपाल गर्ग ,एल एम्, वी जे एम् 



वाणी की मधुरता मित्रता बढ़ाती है और वाणी की कठोरता के 

कारण व्यक्ति अपनों से भी दूर हो जाता है।

अपने सर्वश्रेष्ठ

अपने सर्वश्रेष्ठ सनय को जानें और उसका उपयोग करें ।

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 

Saturday, February 29, 2020

Respect

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 

 Respect yourself and the world will respect you.

Monday, January 6, 2020

जिंदगी के हर मोड़ पर

" जिंदगी के हर मोड़ पर काम आने वाली
16 अद्भुत बातें "
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1. गुण - न हो तो रूप व्यर्थ है.
2. विनम्रता- न हो तो विद्या व्यर्थ है.
3. उपयोग- न आए तो धन व्यर्थ है.
4. साहस- न हो तो हथियार व्यर्थ है.
5. भूख- न हो तो भोजन व्यर्थ है.
6. होश- न हो तो जोश व्यर्थ है.
7. परोपकार- न करने वालों का जीवन व्यर्थ है.
8. गुस्सा- अक्ल को खा जाता है.
9. अहंकार- मन को खा जाता है.
10. चिंता- आयु को खा जाती है.
11. रिश्वत- इंसाफ को खा जाती है.
12. लालच- ईमान को खा जाता है.
13. दान- करने से दरिद्रता का अंत
हो जाता है.
14. सुन्दरता- बगैर लज्जा के सुन्दरता व्यर्थ है.
15. दोस्त- चिढ़ता हुआ दोस्त मुस्कुराते हुए
दुश्मन से अच्छा है.
16. सूरत- आदमी की कीमत उसकी सूरत से नहीं बल्कि सीरत यानी गुणों से लगानी चाहिये....  

सरों की अच्छाई

दूसरों की अच्छाई तो देखो पर बुराई न देखो, वरना दुनियाँ हमारे लिए बुरी ही होगी।
 

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज