परम पूज्य सुधांशुजी महाराज
Respect yourself and the world will respect you.
जीवन संगीत है। सुर से बजाओगे तो बहुत अच्छा है, मधुर है और अगर सुर से भूल गए तो शोर है जीवनऔर उसको खुद भी नहीं सुन पाओगे दूसरे तो क्या सुनेगें ।
जीवन है चुनौती । नित नई नई चुनौती बनकर सामने आती हैं । जब आप बहादुर होकर चुनौती को स्वीकार करते हैं
तो वो कुछ न कुछ देकर ही जाएँगी, कुछ लाभ देंगी ।
"जब देखो कि प्रभात आया है, पंछी पेड़ों पर चहचहाने लगे हैं फूलों की सुगन्ध बहने लगी है, ठंडी-ठंडी हवा चलने लगी है तो सोचना कि भगवान की तरफ से, भक्ति करने का सदेश आया है। हर सुबह की शुरुआत उसके भजन से, उसके पूजन से करो।"